साढ़े तीन वर्षों में 40 फीसदी घटे कूड़े के पहाड़ - entertainment extra 4
Team Delhi Varta
entertainment संवाददाता
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सोमवार, 2 मार्च 2026
नई दिल्ली। राजधानी में कूड़े के पहाड़ हटाने की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि तीनों कूड़े के पहाड़ों से लगभग 40 फीसदी कूड़ा कम हो चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वर्ष दो कूड़े के पहाड़ खत्म हो जाएंगे, जबकि तीसरा पहाड़ दिसंबर 2027 तक खत्म हो जाएगा। गृह मंत्रालय को सरकार ने यह भी बताया है कि किस तरह कूड़ा निस्तारण की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है, ताकि दिल्ली में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कूड़े का 100 फीसदी निस्तारण हो सके।
दिल्ली सरकार की तरफ से भेजी कई रिपोर्ट में केंद्र को बताया गया है कि वर्ष 2022 में कूड़े के पहाड़ों (भलस्वा, ओखला, गाजीपुर) का ड्रोन से सर्वे किया गया था। इस सर्वे के दौरान पाया गया कि तीनों जगह मौजूद पहाड़ों पर कुल कूड़ा लगभग 203 लाख मीट्रिक टन है। इसके बाद से यहां से कूड़े को कम करने का काम शुरू किया गया था। एक तरफ जहां कूड़े के पहाड़ को कम किया जा रहा था तो वहीं दूसरी तरफ रोजाना उत्पन्न होने वाले कूड़े का एक बड़ा हिस्सा वापस पहाड़ पर जा रहा था। निगम सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 11 हजार मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है। इसमें से सूखा कचरा 4400 मीट्रिक टन और गीला कचरा 6600 मीट्रिक टन होता है। इसमें से 8100 मीट्रिक टन से अधिक कूड़े को अभी दिल्ली के चार वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के जरिए रिसाइकल किया जा रहा है। इसके जरिए टाइल्स और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
वहीं, बचे हुए लगभग 2900 मीट्रिक टन कूड़े को भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट में पहुंचाया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से साढ़े तीन वर्षों में कूड़े के पहाड़ 203 से घटकर 123.69 लाख मीट्रिक टन रह गए हैं। इसमें पुराना एवं नया दोनों प्रकार का कूड़ा शामिल है। दिल्ली सरकार द्वारा गृह मंत्रालय को बताया गया है कि ओखला में केवल 19.06 लाख मीट्रिक टन कूड़ा बचा है और इसे आगामी जुलाई तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। भलस्वा में 30.54 लाख मीट्रिक टन कूड़ा बचा हुआ है और इस वर्ष दिसंबर तक इसे भी कूड़ा मुक्त बना दिया जाएगा।
गाजीपुर में सबसे अधिक 74.10 लाख मीट्रिक टन कूड़ा बचा हुआ है और इसे खत्म करने में दिसंबर 2027 का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में नहीं बनेंगे कूड़े के पहाड़ दिल्ली सरकार की तरफ से बताया गया है कि वह न केवल दिल्ली को कूड़े के पहाड़ से मुक्त करेंगे, बल्कि ऐसी व्यवस्था करेंगे कि भविष्य में भी यहां ऐसा कोई पहाड़ न बने। इसके लिए कूड़ा निस्तारण की क्षमता को बढ़ाने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है। अभी दिल्ली में प्रतिदिन निस्तारित होने वाले कूड़े से लगभग तीन हजार टन ज्यादा कूड़ा उत्पन्न होता है। दिल्ली सरकार चार जगहों पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगा रही है। इसके माध्यम से लगभग सात हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो सकेगा। यह प्लांट सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में भी ऐसे कूड़े के पहाड़ न बनने पाएं।
तीनों लैंडफिल साइटों पर 35 एकड़ जमीन हुई कूड़ा मुक्त
नंबर गेम 35 हजार मीट्रिक टन से अधिक पुराने कचरे का निस्तारण जैव खनन से हो रहा 35 एकड़ से अधिक भूमि को तीनों लैंडफिल साइटों पर कचरे से मुक्त कराया गया 81 नए सीसीटीवी कैमरे लैंडफिल साइटों पर लगाए जाएंगे
दिल्ली में लैंडफिल साइटों पर स्थित कूड़े के पहाड़ को अगले वर्ष तक निगम प्रशासन ने खत्म करने की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त लैंडफिल साइटों पर कूड़े को हटाने व अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी के लिए अतिरिक्त कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके साथ ही वेस्ट टू एनर्जी पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कि कूड़ा लैंडफिल साइटों पर नहीं पहुंचे। इस वर्ष ओखला और भलस्वा से कूड़ा खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है वहीं गाजीपुर से अगले वर्ष दिसंबर तक कूड़ा हट जाएगा। इन तीनों स्थानों पर करीब 35 एकड़ जमीन को कूड़ा मुक्त किया गया है।
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