होली पर मेक इन इंडिया की धूम, पिचकारी बाजार से चीन हुआ बाहर
Team Delhi Varta
दिल्ली संवाददाता
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बुधवार, 25 फरवरी 2026
नई दिल्ली। दिल्ली के होली बाजार में इस बार स्वदेशी उत्पादों का दबदबा है। प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल आह्वान से चीनी उत्पादों की चमक फीकी पड़ गई है। लगभग 90 प्रतिशत पिचकारियां मेड इन इंडिया हैं। इलेक्ट्रिक पिचकारियों, ऑर्गेनिक गुलाल और होली-थीम वाले परिधानों की मांग बढ़ी है। दिल्ली के थोक और खुदरा बाजारों में इस बार तकनीक और परंपरा का जादू देखने को मिल रहा है। युवाओं के बीच जहां इलेक्ट्रिक पिचकारियों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है।
वहीं कोल्ड ड्रिंक्स के बोतल आकार में पिचकारी के साथ धुरंधर फिल्म के नाम वाला कलर स्मोक (रंगीन धुआं) ने बाजार की रंगत बढ़ा दी है। इसके अलावा बाजार में 300 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की हाई-टेक स्वदेशी बैटरी वाली पिचकारियों के साथ योगी- मोदी के चित्रों और तिरंगे के रंगों से सजी तीन तीर पिचकारी राष्ट्रवाद के रंग को और गहरा कर रही है।
सेल्फी और रील के दीवाने युवाओं के लिए ये धुरंधर फाग मुख्य आकर्षण हैं। सदर बाजार के थोक दुकानदार व डार्लिंग द टायज के संचालक विक्की गुप्ता बताते हैं कि भारत सरकार की बीआइएस मानकों की सख्ती और आयात शुल्क में बढ़ोतरी के होने कारण अब देश में ही माल बनाना न केवल सस्ता पड़ रहा है, बल्कि गुणवत्ता में भी भारत चीन से आगे निकल रहा हैं। उनकी फैक्ट्री में तैयार आर्गेनिक गुलाल और रंग-बिरंगे कार्टूनों से सजी स्वदेशी पिचकारियां इस बार हाथों-हाथ बिक रही हैं।
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